यूपी में बंपर नौकरियां: लखनऊ, बांदा और अयोध्या में आज लगा बड़ा रोजगार मेला, पच्चीस हजार तक मिलेगी सैलरी

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उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ, बांदा और अयोध्या में सेवायोजन विभाग द्वारा बड़ा रोजगार मेला लगाया गया है। जानिए कैसे मिलेगी नौकरी।

उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आज का दिन बहुत बड़ी राहत लेकर आया है। राज्य सरकार के सेवायोजन विभाग ने लखनऊ, बांदा और अयोध्या में एक बहुत बड़े रोजगार मेले का आयोजन किया है। यह खबर उन लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए बेहद जरूरी है जो लंबे समय से अच्छी नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं। इस मेले में देश की कई बड़ी निजी कंपनियां आई हैं। ये कंपनियां पढ़े-लिखे और हुनरमंद युवाओं को मौके पर ही नौकरी दे रही हैं। इस कदम से राज्य के युवाओं को अपने ही घर और शहर के आस-पास काम मिलने की उम्मीद जगी है।

आज 22 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के तीन बड़े शहरों में रोजगार मेले की शुरुआत हुई है। राजधानी लखनऊ में यह मेला लालबाग इलाके में स्थित सेवायोजन कार्यालय के बड़े मैदान में लगा है। यहाँ सबसे ज्यादा कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। वहीं बुंदेलखंड के युवाओं के लिए बांदा के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यानी आईटीआई में मेले का आयोजन किया गया है। इसके अलावा अयोध्या और उसके आस-पास के जिलों के युवाओं के लिए अयोध्या मंडल के विभागीय रोजगार कार्यालय में यह मेला लगा है।

इन मेलों में अस्सी से ज्यादा नामी निजी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इनमें टाटा मोटर्स से जुड़ी कंपनियां, पेटीएम, स्विगी, जोमैटो और निर्माण क्षेत्र की बड़ी कंपनी एलएंडटी शामिल हैं। ये कंपनियां युवाओं को मशीन चलाने वाले, ग्राहक सेवा अधिकारी, सेल्स मैनेजर, सामान पहुंचाने वाले और सुरक्षा गार्ड जैसे कई पदों पर नौकरी दे रही हैं। मेले में कंपनियों के अधिकारी सीधे युवाओं से बात कर रहे हैं। वे मौके पर ही उनका इंटरव्यू ले रहे हैं और जो युवा सही पाए जा रहे हैं, उन्हें तुरंत नौकरी का पक्का कागज यानी ऑफर लेटर दिया जा रहा है।

प्रदेश में बेरोजगारी हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है। हर साल लाखों युवा अपनी पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश में निकलते हैं। लेकिन सही जानकारी और मौके की कमी के कारण उन्हें काम नहीं मिल पाता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने यह ठोस कदम उठाया है।

सरकार चाहती है कि निजी कंपनियों और काम खोजने वाले युवाओं को एक ही जगह पर मिला दिया जाए। जब दोनों एक जगह आते हैं, तो कंपनियों को उनकी जरूरत के हिसाब से अच्छे काम करने वाले लोग आसानी से मिल जाते हैं। वहीं युवाओं को भी नौकरी के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। इस मेले का मुख्य मकसद युवाओं को उनके अपने राज्य में ही रोजगार देना है। इससे उन्हें काम के लिए दूसरे राज्यों की तरफ भटकना नहीं पड़ेगा और वे अपने परिवार के करीब रहकर तरक्की कर सकेंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ सालों से युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार ऐसे मेलों का आयोजन कर रही है। सेवायोजन विभाग ने इसके लिए एक खास वेबसाइट भी बनाई है। इस वेबसाइट पर प्रदेश का कोई भी बेरोजगार युवा अपना नाम दर्ज करा सकता है।

पहले के समय में नौकरी पाने की प्रक्रिया बहुत लंबी होती थी। युवाओं को कई लिखित परीक्षाएं देनी पड़ती थीं और महीनों तक नतीजों का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन इस रोजगार मेले की प्रक्रिया बहुत ही आसान और तेज रखी गई है। इसमें आठवीं पास से लेकर स्नातक यानी ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई करने वाले सभी युवाओं के लिए नौकरी के मौके हैं। यहां तक कि तकनीकी पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी मशीनों से जुड़े काम उपलब्ध हैं। मेले में जाने वाले युवाओं को अपने साथ बायोडाटा, पढ़ाई के कागज, पहचान पत्र और फोटो ले जाना जरूरी है।

इस रोजगार मेले का सबसे सीधा और बड़ा असर आम घरों के युवाओं पर पड़ रहा है। जो युवा कल तक नौकरी न मिलने से परेशान थे, आज उनके हाथों में नौकरी का कागज है। इससे उनके परिवारों में खुशी और सुकून का माहौल है। मेले में योग्यता के अनुसार दस हजार पांच सौ रुपये से लेकर पच्चीस हजार रुपये महीने तक की तनख्वाह दी जा रही है।

इसके साथ ही कुछ तकनीकी कामों में भविष्य निधि यानी पीएफ और स्वास्थ्य बीमा जैसी जरूरी सुविधाएं भी मिल रही हैं। जब युवाओं को अच्छी तनख्वाह मिलेगी, तो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सीधा सुधार होगा। वे अपने घर का खर्च आसानी से चला सकेंगे। इसके अलावा जब स्थानीय युवाओं को उनके ही शहर में काम मिलेगा, तो शहर के बाजारों में भी रौनक बढ़ेगी और स्थानीय व्यापार को भी बहुत फायदा पहुंचेगा। कुल मिलाकर यह मेला आम आदमी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में काफी मददगार साबित हो रहा है।

जो युवा आज इन मेलों में शामिल हो रहे हैं और चुने गए हैं, उनकी जल्द ही कंपनियों में ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। ट्रेनिंग के बाद वे अपना काम पूरी तरह से संभाल लेंगे। लेकिन जो युवा किसी कारण से आज इस मेले में नहीं जा पाए हैं, उन्हें निराश होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।

सेवायोजन विभाग की तरफ से आने वाले दिनों में ऐसे और भी मेले प्रदेश के अन्य जिलों में लगाए जाएंगे। नौकरी चाहने वाले युवा सेवायोजन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण जरूर करा लें। वहां से उन्हें आने वाले मेलों की जगह और तारीख की पूरी जानकारी मिल जाएगी। सरकार की योजना है कि ज्यादा से ज्यादा निजी कंपनियों को इन मेलों से जोड़ा जाए ताकि हर हुनरमंद युवा को उसके मनमुताबिक सही काम मिल सके।

कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार और सेवायोजन विभाग का यह रोजगार मेला युवाओं के लिए एक बहुत ही शानदार और लाभदायक पहल है। एक ही छत के नीचे दर्जनों कंपनियों का आना और मौके पर ही नौकरी देना युवाओं का समय और पैसा दोनों बचा रहा है।

बेरोजगारी जैसी बड़ी समस्या से निपटने के लिए धरातल पर ऐसे प्रयास बहुत जरूरी हैं। अब युवाओं की भी यह जिम्मेदारी है कि वे अपनी पढ़ाई और हुनर को निखारते रहें। उन्हें समय-समय पर सरकारी वेबसाइट की जानकारी लेते रहना चाहिए। सही समय पर सही जगह पहुंचकर और अपनी योग्यता दिखाकर कोई भी युवा अपनी जिंदगी संवार सकता है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे रोजगार मेलों से राज्य के लाखों परिवारों को एक नई उम्मीद और बहुत बेहतर जिंदगी मिलेगी।

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