Author: नौकरी वार्ता

  • नई सरकारी वैकेंसियां 2026: वायु सेना, नौसेना और एनटीपीसी में भर्ती शुरू

    नई सरकारी वैकेंसियां 2026: वायु सेना, नौसेना और एनटीपीसी में भर्ती शुरू

    रोजगार समाचार के नए अंक के अनुसार वायु सेना, नौसेना और एनटीपीसी में नई सरकारी वैकेंसियां निकली हैं। हुनरमंद युवाओं के लिए देश सेवा और पीएसयू में नौकरी का बड़ा मौका।

    देश में रोजगार की तलाश कर रहे पढ़े-लिखे युवाओं के लिए यह हफ्ता बहुत बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। रोजगार समाचार के ताजा अंक के मुताबिक देश की तीन सबसे बड़ी और प्रतिष्ठित सरकारी संस्थाओं में नई सरकारी वैकेंसियां निकाली गई हैं। भारतीय वायु सेना, भारतीय नौसेना और नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन यानी एनटीपीसी ने अलग-अलग पदों के लिए भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। यह खबर उन युवाओं के लिए बहुत जरूरी है जो सेना में शामिल होकर देश की रक्षा करना चाहते हैं या फिर बिजली क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी में एक सुरक्षित सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। इन भर्तियों से देश के हजारों योग्य लड़के-लड़कियों को अपने हुनर के दम पर एक बेहतरीन करियर बनाने का सीधा मौका मिलेगा।

    भारतीय युवाओं को देश सेवा और सार्वजनिक उपक्रम यानी सरकारी कंपनियों में अफसर बनने का एक शानदार अवसर मिल रहा है। वायु सेना ने इसके लिए एफकैट परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके जरिए फ्लाइंग और ग्राउंड ड्यूटी शाखाओं में अधिकारियों की भर्ती की जाएगी। इस भर्ती के तहत तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों तरह के पदों को भरा जाना है।

    दूसरी तरफ, भारतीय नौसेना ने भी एग्जीक्यूटिव और टेक्निकल शाखाओं में अधिकारियों के पदों के लिए सीधे आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसके जरिए चुने गए युवाओं को जून 2027 से केरल के एझिमाला में स्थित भारतीय नौसेना अकादमी में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा।

    इसके साथ ही देश की सबसे बड़ी बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड ने भी युवाओं के लिए अपने दरवाजे खोल दिए हैं। महारत्न कंपनी का दर्जा प्राप्त इस सरकारी उपक्रम ने इंजीनियरिंग एग्जीक्यूटिव ट्रेनी, असिस्टेंट मैनेजर और सुरक्षा अधिकारियों के पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। इन तीनों ही जगहों पर नौकरी पाने के लिए देश भर के युवा ऑनलाइन माध्यम से अपना फॉर्म भर सकते हैं।

    सरकार का मुख्य उद्देश्य देश के युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर देना और सेना तथा सरकारी कंपनियों में खाली पड़े पदों को तेजी से भरना है। हर साल रिटायर होने वाले अधिकारियों की जगह नए और ऊर्जावान युवाओं को शामिल करना बेहद जरूरी होता है। तकनीकी बदलावों के इस दौर में सेना को अब ऐसे युवाओं की जरूरत है जो कंप्यूटर और नई तकनीकों को अच्छी तरह समझते हों।

    इसी तरह एनटीपीसी जैसी बड़ी बिजली कंपनी अपनी नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए नए इंजीनियरों और अनुभवी मैनेजरों की तलाश कर रही है। इन तीनों संस्थाओं ने अपनी कार्यप्रणाली को मजबूत बनाए रखने के लिए समय रहते इन भर्तियों की घोषणा की है। इससे न सिर्फ बेरोजगारी कम होगी, बल्कि देश के विकास और सुरक्षा को भी एक नई रफ्तार मिलेगी।

    भारतीय वायु सेना और नौसेना में अधिकारी बनना देश के हर युवा का एक बड़ा सपना होता है। इसके लिए हर साल लाखों छात्र कड़ी मेहनत करते हैं। वायु सेना की यह परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है, जिसे एफकैट कहा जाता है। यह परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर पर ऑनलाइन ली जाती है।

    वहीं नौसेना की इस विशेष भर्ती का इतिहास रहा है कि इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होती। यह उन छात्रों के लिए एक बहुत बड़ा मौका होता है जो सीधे इंटरव्यू देकर देश सेवा में जाना चाहते हैं। एनटीपीसी भी देश की एक बहुत ही सम्मानित और नवरत्न कंपनियों से ऊपर महारत्न कंपनी है, जहां काम करने वाले कर्मचारियों को बहुत अच्छी सुविधाएं और सैलरी मिलती है। इन तीनों संस्थाओं ने हमेशा से अपनी भर्ती प्रक्रियाओं को पूरी तरह से पारदर्शी और साफ-सुथरा रखा है, जिससे केवल असली हकदार युवाओं को ही चुना जा सके।

    इस नई सरकारी वैकेंसियां आने से देश के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से पढ़ाई पूरी कर चुके छात्रों में एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है। अलग-अलग पदों के लिए जो योग्यता तय की गई है, वह इस प्रकार है:

    वायु सेना के फ्लाइंग ब्रांच के लिए छात्र का 12वीं में भौतिकी यानी फिजिक्स और गणित विषयों के साथ 50 प्रतिशत नंबरों से पास होना जरूरी है। साथ ही किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। ग्राउंड ड्यूटी तकनीकी पदों के लिए चार साल की इंजीनियरिंग डिग्री अनिवार्य है। गैर-तकनीकी पदों के लिए किसी भी विषय के ग्रेजुएट छात्र फॉर्म भर सकते हैं, लेकिन अकाउंट्स पद के लिए बी.कॉम होना जरूरी है।

    नौसेना की भर्ती के लिए उम्मीदवारों के पास बी.ई या बी.टेक की डिग्री होनी चाहिए, जिसमें कम से कम 60 प्रतिशत नंबर होना अनिवार्य है। लॉजिस्टिक्स पद के लिए एमबीए या एम.कॉम पास युवा भी भाग ले सकते हैं। इस भर्ती में छात्रों को उनके कॉलेज के नंबरों के आधार पर सीधे एसएसबी यानी सेवा चयन बोर्ड के इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

    एनटीपीसी में इंजीनियरिंग ट्रेनी बनने के लिए कम से कम 65 प्रतिशत नंबरों के साथ इंजीनियरिंग पास होना जरूरी है। इसमें गेट 2026 की परीक्षा का स्कोरकार्ड भी देखा जा सकता है। असिस्टेंट मैनेजर और सुरक्षा अधिकारी के पदों के लिए डिग्री के साथ-साथ दो से तीन साल का काम करने का अनुभव और औद्योगिक सुरक्षा यानी इंडस्ट्रियल सेफ्टी में डिप्लोमा होना आवश्यक है।

    आयु सीमा की बात करें तो वायु सेना में फ्लाइंग ब्रांच के लिए 20 से 24 वर्ष और ग्राउंड ड्यूटी के लिए 20 से 26 वर्ष तय की गई है। नौसेना के लिए छात्र का जन्म 2 जनवरी 2002 से 1 जुलाई 2007 के बीच होना चाहिए। एनटीपीसी में ट्रेनी पद के लिए अधिकतम उम्र 27 साल और अनुभवी पदों के लिए 35 से 37 साल रखी गई है। आरक्षित वर्ग के छात्रों को नियमानुसार उम्र में छूट दी जाएगी।

    इन तीनों बड़ी भर्तियों के लिए आवेदन करने की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन रखा गया है। वायु सेना के लिए छात्र करियर इंडियन एयरफोर्स की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। नौसेना के लिए जॉइन इंडियन नेवी और एनटीपीसी के लिए उनकी आधिकारिक करियर वेबसाइट पर जाकर लॉग-इन करना होगा।

    आवेदन करने की खिड़की शुरू हो चुकी है। जानकारों का कहना है कि आखिरी दिनों में इंटरनेट पर आने वाले भारी लोड और तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए छात्रों को जून 2026 के पहले हफ्ते से पहले ही अपने सारे कागज अपलोड कर देने चाहिए। फॉर्म भरते समय अपनी डिग्री, फोटो और दस्तखत यानी सिग्नेचर को बिल्कुल साफ तरीके से स्कैन करके अपलोड करें।

    फॉर्म भरने के बाद वायु सेना के छात्रों को ऑनलाइन लिखित परीक्षा की तैयारी करनी होगी, जिसे पास करने के बाद वायु सेना चयन बोर्ड का कड़ा इंटरव्यू देना होगा। नौसेना के छात्रों को सीधे इंटरव्यू की तारीखें भेजी जाएंगी। वहीं एनटीपीसी के छात्रों को गेट स्कोर या लिखित परीक्षा के बाद ग्रुप डिस्कशन और इंटरव्यू के दौर से गुजरना होगा। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद ही अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी।

    कुल मिलाकर, रोजगार समाचार का यह नया अंक देश के पढ़े-लिखे युवाओं के लिए करियर का एक बहुत ही शानदार और सुनहरा रास्ता खोल रहा है। नई सरकारी वैकेंसियां के रूप में वायु सेना, नौसेना और एनटीपीसी जैसी बड़ी संस्थाओं में काम करने का अवसर बार-बार नहीं मिलता। यह युवाओं के लिए अपने माता-पिता का नाम रोशन करने और देश की तरक्की में अपना योगदान देने का सबसे सही समय है।

    जो छात्र इन पदों के लिए पूरी योग्यता रखते हैं, उन्हें बिना समय गंवाए तुरंत अपना आवेदन फॉर्म भर देना चाहिए। सरकारी नौकरी पाने के लिए सिर्फ फॉर्म भरना काफी नहीं होता, बल्कि आज से ही एक सही टाइम-टेबल बनाकर पढ़ाई में जुट जाना जरूरी है। सही दिशा में की गई कड़ी मेहनत और खुद पर भरोसा ही आपको इन परीक्षाओं में सफलता दिलाएगा और आपके भविष्य को पूरी तरह से सुरक्षित और उज्ज्वल बनाएगा।

  • यूपी में बंपर नौकरियां: लखनऊ, बांदा और अयोध्या में आज लगा बड़ा रोजगार मेला, पच्चीस हजार तक मिलेगी सैलरी

    यूपी में बंपर नौकरियां: लखनऊ, बांदा और अयोध्या में आज लगा बड़ा रोजगार मेला, पच्चीस हजार तक मिलेगी सैलरी

    उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ, बांदा और अयोध्या में सेवायोजन विभाग द्वारा बड़ा रोजगार मेला लगाया गया है। जानिए कैसे मिलेगी नौकरी।

    उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आज का दिन बहुत बड़ी राहत लेकर आया है। राज्य सरकार के सेवायोजन विभाग ने लखनऊ, बांदा और अयोध्या में एक बहुत बड़े रोजगार मेले का आयोजन किया है। यह खबर उन लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए बेहद जरूरी है जो लंबे समय से अच्छी नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं। इस मेले में देश की कई बड़ी निजी कंपनियां आई हैं। ये कंपनियां पढ़े-लिखे और हुनरमंद युवाओं को मौके पर ही नौकरी दे रही हैं। इस कदम से राज्य के युवाओं को अपने ही घर और शहर के आस-पास काम मिलने की उम्मीद जगी है।

    आज 22 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के तीन बड़े शहरों में रोजगार मेले की शुरुआत हुई है। राजधानी लखनऊ में यह मेला लालबाग इलाके में स्थित सेवायोजन कार्यालय के बड़े मैदान में लगा है। यहाँ सबसे ज्यादा कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। वहीं बुंदेलखंड के युवाओं के लिए बांदा के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यानी आईटीआई में मेले का आयोजन किया गया है। इसके अलावा अयोध्या और उसके आस-पास के जिलों के युवाओं के लिए अयोध्या मंडल के विभागीय रोजगार कार्यालय में यह मेला लगा है।

    इन मेलों में अस्सी से ज्यादा नामी निजी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इनमें टाटा मोटर्स से जुड़ी कंपनियां, पेटीएम, स्विगी, जोमैटो और निर्माण क्षेत्र की बड़ी कंपनी एलएंडटी शामिल हैं। ये कंपनियां युवाओं को मशीन चलाने वाले, ग्राहक सेवा अधिकारी, सेल्स मैनेजर, सामान पहुंचाने वाले और सुरक्षा गार्ड जैसे कई पदों पर नौकरी दे रही हैं। मेले में कंपनियों के अधिकारी सीधे युवाओं से बात कर रहे हैं। वे मौके पर ही उनका इंटरव्यू ले रहे हैं और जो युवा सही पाए जा रहे हैं, उन्हें तुरंत नौकरी का पक्का कागज यानी ऑफर लेटर दिया जा रहा है।

    प्रदेश में बेरोजगारी हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है। हर साल लाखों युवा अपनी पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश में निकलते हैं। लेकिन सही जानकारी और मौके की कमी के कारण उन्हें काम नहीं मिल पाता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने यह ठोस कदम उठाया है।

    सरकार चाहती है कि निजी कंपनियों और काम खोजने वाले युवाओं को एक ही जगह पर मिला दिया जाए। जब दोनों एक जगह आते हैं, तो कंपनियों को उनकी जरूरत के हिसाब से अच्छे काम करने वाले लोग आसानी से मिल जाते हैं। वहीं युवाओं को भी नौकरी के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। इस मेले का मुख्य मकसद युवाओं को उनके अपने राज्य में ही रोजगार देना है। इससे उन्हें काम के लिए दूसरे राज्यों की तरफ भटकना नहीं पड़ेगा और वे अपने परिवार के करीब रहकर तरक्की कर सकेंगे।

    उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ सालों से युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार ऐसे मेलों का आयोजन कर रही है। सेवायोजन विभाग ने इसके लिए एक खास वेबसाइट भी बनाई है। इस वेबसाइट पर प्रदेश का कोई भी बेरोजगार युवा अपना नाम दर्ज करा सकता है।

    पहले के समय में नौकरी पाने की प्रक्रिया बहुत लंबी होती थी। युवाओं को कई लिखित परीक्षाएं देनी पड़ती थीं और महीनों तक नतीजों का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन इस रोजगार मेले की प्रक्रिया बहुत ही आसान और तेज रखी गई है। इसमें आठवीं पास से लेकर स्नातक यानी ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई करने वाले सभी युवाओं के लिए नौकरी के मौके हैं। यहां तक कि तकनीकी पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी मशीनों से जुड़े काम उपलब्ध हैं। मेले में जाने वाले युवाओं को अपने साथ बायोडाटा, पढ़ाई के कागज, पहचान पत्र और फोटो ले जाना जरूरी है।

    इस रोजगार मेले का सबसे सीधा और बड़ा असर आम घरों के युवाओं पर पड़ रहा है। जो युवा कल तक नौकरी न मिलने से परेशान थे, आज उनके हाथों में नौकरी का कागज है। इससे उनके परिवारों में खुशी और सुकून का माहौल है। मेले में योग्यता के अनुसार दस हजार पांच सौ रुपये से लेकर पच्चीस हजार रुपये महीने तक की तनख्वाह दी जा रही है।

    इसके साथ ही कुछ तकनीकी कामों में भविष्य निधि यानी पीएफ और स्वास्थ्य बीमा जैसी जरूरी सुविधाएं भी मिल रही हैं। जब युवाओं को अच्छी तनख्वाह मिलेगी, तो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सीधा सुधार होगा। वे अपने घर का खर्च आसानी से चला सकेंगे। इसके अलावा जब स्थानीय युवाओं को उनके ही शहर में काम मिलेगा, तो शहर के बाजारों में भी रौनक बढ़ेगी और स्थानीय व्यापार को भी बहुत फायदा पहुंचेगा। कुल मिलाकर यह मेला आम आदमी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में काफी मददगार साबित हो रहा है।

    जो युवा आज इन मेलों में शामिल हो रहे हैं और चुने गए हैं, उनकी जल्द ही कंपनियों में ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। ट्रेनिंग के बाद वे अपना काम पूरी तरह से संभाल लेंगे। लेकिन जो युवा किसी कारण से आज इस मेले में नहीं जा पाए हैं, उन्हें निराश होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।

    सेवायोजन विभाग की तरफ से आने वाले दिनों में ऐसे और भी मेले प्रदेश के अन्य जिलों में लगाए जाएंगे। नौकरी चाहने वाले युवा सेवायोजन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण जरूर करा लें। वहां से उन्हें आने वाले मेलों की जगह और तारीख की पूरी जानकारी मिल जाएगी। सरकार की योजना है कि ज्यादा से ज्यादा निजी कंपनियों को इन मेलों से जोड़ा जाए ताकि हर हुनरमंद युवा को उसके मनमुताबिक सही काम मिल सके।

    कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार और सेवायोजन विभाग का यह रोजगार मेला युवाओं के लिए एक बहुत ही शानदार और लाभदायक पहल है। एक ही छत के नीचे दर्जनों कंपनियों का आना और मौके पर ही नौकरी देना युवाओं का समय और पैसा दोनों बचा रहा है।

    बेरोजगारी जैसी बड़ी समस्या से निपटने के लिए धरातल पर ऐसे प्रयास बहुत जरूरी हैं। अब युवाओं की भी यह जिम्मेदारी है कि वे अपनी पढ़ाई और हुनर को निखारते रहें। उन्हें समय-समय पर सरकारी वेबसाइट की जानकारी लेते रहना चाहिए। सही समय पर सही जगह पहुंचकर और अपनी योग्यता दिखाकर कोई भी युवा अपनी जिंदगी संवार सकता है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे रोजगार मेलों से राज्य के लाखों परिवारों को एक नई उम्मीद और बहुत बेहतर जिंदगी मिलेगी।

  • एचपीएससी एडीए भर्ती 2026: हरियाणा में 255 पदों के लिए आवेदन फिर शुरू, जानें नई तारीखें

    एचपीएससी एडीए भर्ती 2026: हरियाणा में 255 पदों के लिए आवेदन फिर शुरू, जानें नई तारीखें

    हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के 255 पदों के लिए आवेदन विंडो फिर खोल दी है। 25 मई 2026 से युवा दोबारा फॉर्म भर सकते हैं।

    कानून की पढ़ाई पूरी करके सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बहुत अच्छी खबर है। हरियाणा लोक सेवा आयोग यानी एचपीएससी ने असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (एडीए) के 255 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की खिड़की दोबारा खोलने का फैसला किया है। एचपीएससी एडीए भर्ती 2026 का यह फैसला उन हजारों युवाओं के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है, जो किसी कारणवश पहले अपना फॉर्म नहीं भर पाए थे। अब उन्हें सरकारी वकील बनने का एक और मौका मिल रहा है। यह खबर हर उस युवा के लिए बहुत जरूरी है जो कोर्ट में वकालत करने के साथ-साथ एक सुरक्षित सरकारी नौकरी की तलाश में है।

    हरियाणा लोक सेवा आयोग (एचपीएससी) ने हाल ही में एक नया और विस्तृत नोटिस जारी किया है। इसके अनुसार एडीए यानी असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के कुल 255 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया फिर से शुरू की जा रही है। यह नई आवेदन विंडो आने वाली 25 मई 2026 से दोबारा खुल जाएगी और कुछ दिनों तक लाइव रहेगी।

    जिन युवाओं ने पहले इस भर्ती के लिए अपना आवेदन पूरी सफलता के साथ जमा कर दिया था, उन्हें अब घबराने या दोबारा फॉर्म भरने की कोई जरूरत नहीं है। उनका पुराना फॉर्म ही पूरी तरह से मान्य होगा। यह नया मौका मुख्य रूप से सिर्फ उन लोगों के लिए है जो पहले आवेदन करने से चूक गए थे या नए सिरे से आवेदन करना चाहते हैं। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर बहुत ही आसानी से ऑनलाइन तरीके से अपना फॉर्म भर सकेंगे।

    आवेदन की तारीख दोबारा बढ़ाने के पीछे कई अहम कारण हैं। यह एचपीएससी एडीए भर्ती काफी समय पहले ही निकाली जा चुकी थी और इसके फॉर्म भी भरवाए गए थे। लेकिन सरकारी नियमों और आरक्षण से जुड़े कुछ पेंच बीच में फंस गए थे, जिन्हें सुलझाना बहुत जरूरी था।

    इसके अलावा कई योग्य उम्मीदवारों ने आयु सीमा और कुछ तकनीकी दिक्कतों को लेकर आयोग से गुहार लगाई थी। कई छात्रों ने अपनी परेशानी बताते हुए याचिकाएं भी डाली थीं। प्रशासन ने छात्रों की इन सभी परेशानियों को गहराई से समझा। सभी आपत्तियों पर विचार करने के बाद आयोग ने यह तय किया कि किसी भी योग्य युवा का नुकसान नहीं होना चाहिए। इसीलिए बिना कोई भेदभाव किए फॉर्म भरने के लिए सबको एक और उचित मौका दिया गया है।

    हरियाणा में सरकारी वकील या एडीए का पद बहुत ही सम्मानजनक माना जाता है। इस पद पर काम करने वाले वकील जिला अदालतों में राज्य सरकार का पक्ष मजबूती से रखते हैं। राज्य सरकार लंबे समय से जिला अदालतों में मुकदमों की पेंडेंसी कम करने पर जोर दे रही है। योग्य सरकारी वकीलों की कमी के कारण कई बार सरकारी मुकदमों की पैरवी में काफी देरी होती है। इन 255 पदों के भरे जाने से न्याय प्रणाली में भी काफी तेजी आएगी।

    इस पद की अहमियत को देखते हुए भर्ती के नियम भी काफी सख्त बनाए गए हैं। आवेदन करने वाले युवा के पास एलएलबी की डिग्री होना जरूरी है। सबसे बड़ी शर्त यह है कि फॉर्म भरने की आखिरी तारीख तक आवेदक का किसी भी राज्य के बार काउंसिल में एक वकील के तौर पर रजिस्ट्रेशन होना एकदम अनिवार्य है। साथ ही दसवीं कक्षा तक हिंदी या संस्कृत पढ़ना भी जरूरी है।

    आयोग के इस बड़े और अहम फैसले का सीधा असर कानून की पढ़ाई कर रहे हजारों छात्रों और प्रैक्टिस करने वाले युवा वकीलों पर पड़ेगा। जो युवा उम्र सीमा या किसी खास कागज की कमी के कारण पहले फॉर्म नहीं भर सके थे, उनके लिए यह फैसला एक संजीवनी बूटी की तरह साबित हो रहा है।

    अब ये सभी छात्र 25 मई से अपना फॉर्म भर सकेंगे। आयोग ने इस पद के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष तय की है। इस उम्र सीमा की वजह से कई ऐसे अनुभवी वकीलों को भी सरकारी नौकरी पाने का मौका मिलेगा, जो सालों से अदालतों में प्रैक्टिस कर रहे हैं। इसके साथ ही, हरियाणा के मूल निवासियों, महिलाओं और आरक्षित वर्ग को सरकारी नियमों के तहत उम्र में विशेष छूट भी मिलेगी। इससे नौकरी पाने की यह प्रतियोगिता और भी ज्यादा रोचक और कड़ी हो जाएगी।

    आने वाली 25 मई 2026 से छात्र हरियाणा लोक सेवा आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना फॉर्म भर सकेंगे। आवेदन भरने की आखिरी तारीख जून 2026 के पहले हफ्ते तक रखी जा सकती है। फॉर्म भरते समय छात्रों को अपने एलएलबी सर्टिफिकेट और बार काउंसिल रजिस्ट्रेशन के कागज बिल्कुल तैयार रखने होंगे।

    चयन प्रक्रिया मुख्य रूप से तीन चरणों में पूरी होगी। सबसे पहले एक स्क्रीनिंग टेस्ट होगा, जिसमें सौ ऑब्जेक्टिव सवाल पूछे जाएंगे। इसमें कानून के अलावा सामान्य ज्ञान के प्रश्न भी होंगे और गलत जवाब पर अंक भी कटेंगे। इसे पास करने वालों को सब्जेक्ट नॉलेज टेस्ट यानी मुख्य लिखित परीक्षा देनी होगी। यह परीक्षा तीन घंटे की होगी और इसमें सिविल और क्रिमिनल कानून से जुड़े विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे। सबसे अंत में इंटरव्यू होगा। मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू के अंकों को मिलाकर ही अंतिम चयन सूची तैयार की जाएगी।

    कुल मिलाकर, हरियाणा लोक सेवा आयोग का यह कदम युवाओं के हित में लिया गया एक बहुत ही सराहनीय और सकारात्मक फैसला है। एचपीएससी एडीए भर्ती 2026 के रूप में सरकारी वकील बनने का यह एक सुनहरा मौका है, जिसे किसी भी कीमत पर हाथ से नहीं जाने देना चाहिए।

    जिन युवाओं ने पहले किसी वजह से फॉर्म नहीं भरा था, उन्हें अब अपनी पूरी लगन और तैयारी के साथ इस मौके का फायदा उठाना चाहिए। परीक्षा की संभावित तारीख जुलाई या अगस्त 2026 बताई जा रही है। इसलिए फॉर्म भरने के साथ-साथ छात्रों को अपनी लिखित परीक्षा की तैयारी भी अभी से तेज कर देनी चाहिए। सही दिशा में की गई मेहनत ही सफलता दिलाएगी।

  • एसएससी सीजीएल 2026 परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी, टियर-1 के नियमों में हुआ बहुत बड़ा बदलाव

    एसएससी सीजीएल 2026 परीक्षा का नोटिफिकेशन जारी, टियर-1 के नियमों में हुआ बहुत बड़ा बदलाव

    कर्मचारी चयन आयोग ने एसएससी सीजीएल 2026 परीक्षा के लिए बंपर वैकेंसी का नोटिफिकेशन जारी किया है। जानिए टियर-1 परीक्षा के नियमों में क्या बड़ा बदलाव हुआ है।

    सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले देश के लाखों युवाओं के लिए कर्मचारी चयन आयोग यानी एसएससी सीजीएल 2026 परीक्षा की बड़ी खबर आई है। आयोग ने इस साल की परीक्षा के लिए अपना आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। इस बार कुल बारह हजार दो सौ छप्पन पदों पर बंपर भर्तियां निकाली गई हैं। लेकिन इस विज्ञापन की सबसे बड़ी और हैरान करने वाली खबर इसके परीक्षा के नियमों में किया गया ऐतिहासिक बदलाव है। इस नए नियम ने परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों की पुरानी रणनीति को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। अब सफलता पाने के लिए उम्मीदवारों को नए ढंग से मेहनत करनी होगी।

    कर्मचारी चयन आयोग ने कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल यानी एसएससी सीजीएल 2026 परीक्षा का नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस साल सरकारी विभागों में खाली पदों को भरने के लिए कुल बारह हजार दो सौ छप्पन वैकेंसी निकाली गई हैं। लेकिन इस बार परीक्षा देने वाले छात्रों को पहले चरण यानी टियर-1 की परीक्षा में एक बिल्कुल नए नियम का सामना करना पड़ेगा। आयोग ने इस परीक्षा में सेक्शनल टाइम लिमिट यानी हर विषय के लिए एक अलग और निश्चित समय की पाबंदी लागू कर दी है।

    अब तक होने वाली परीक्षाओं में छात्रों को पूरे सौ प्रश्नों को हल करने के लिए एक साथ साठ मिनट यानी एक घंटे का समय मिलता था। इसमें छात्र अपनी मर्जी से किसी भी विषय को पहले या बाद में हल कर सकते थे। लेकिन नए नियम के अनुसार अब परीक्षा के चारों विषयों के लिए पंद्रह-पंद्रह मिनट का एक सख्त समय तय कर दिया गया है। जैसे ही किसी एक विषय के पंद्रह मिनट पूरे होंगे, कंप्यूटर स्क्रीन पर वह विषय अपने आप बंद हो जाएगा। इसके तुरंत बाद अगला विषय आपके सामने आ जाएगा। आप बचे हुए समय को दूसरे विषय में इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे और न ही पुराने विषय पर वापस जा सकेंगे।

    इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी, कड़ा और आधुनिक बनाना है। यह नया नियम बैंकिंग परीक्षाओं की तर्ज पर तैयार किया गया है। आयोग का मानना है कि इस व्यवस्था से छात्रों की असली योग्यता और कम समय में सही फैसला लेने की क्षमता को बेहतर तरीके से परखा जा सकता है। इसके अलावा ऑनलाइन परीक्षाओं में होने वाली किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने में भी यह समय की पाबंदी काफी मददगार साबित होती है।

    आयोग इस परीक्षा के जरिए देश के सबसे प्रतिष्ठित सरकारी विभागों के लिए अधिकारियों का चयन करता है। इसलिए परीक्षा के स्तर को ऊंचा बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। इस नए तरीके से छात्रों को हर विषय को बराबर महत्व देना होगा। पहले छात्र अपनी पसंद के विषयों में ज्यादा समय लगा देते थे और बाकी विषयों को छोड़ देते थे। अब इस नए बदलाव से हर विषय में समय का सही प्रबंधन करना ही परीक्षा पास करने की एकमात्र कुंजी होगी।

    कर्मचारी चयन आयोग की यह परीक्षा देश की सबसे बड़ी और लोकप्रिय प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है। हर साल देश के कोने-कोने से ग्रेजुएट यानी स्नातक पास युवा इस परीक्षा में बैठते हैं। इस परीक्षा को पास करके छात्र केंद्र सरकार के मुख्य मंत्रालयों में इंस्पेक्टर, असिस्टेंट और टैक्स ऑफिसर जैसे बड़े पदों पर तैनात होते हैं। पिछले कुछ सालों में इस परीक्षा के दूसरे चरण यानी टियर-2 के पैटर्न में भी बदलाव किए गए थे।

    लेकिन पहले चरण यानी टियर-1 की परीक्षा का प्रारूप लंबे समय से एक जैसा ही चल रहा था। टियर-1 की परीक्षा केवल क्वालिफाइंग होती है, यानी इसके नंबर अंतिम चयन सूची में नहीं जुड़ते हैं। लेकिन अगले चरण में पहुंचने के लिए इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य होता है। इस साल अचानक आए इस नए नियम से पुराने ढर्रे पर तैयारी कर रहे छात्रों को अपनी पूरी योजना नए सिरे से बनानी पड़ रही है।

    इस नए नियम का सबसे सीधा और बड़ा असर परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों पर पड़ने वाला है। अब तक छात्र सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी के सवालों को जल्दी हल करके जो समय बचाते थे, उसे गणित और रीजनिंग के कठिन सवालों को हल करने में लगा देते थे। लेकिन अब ऐसा करना बिल्कुल नामुमकिन हो जाएगा। गणित के पच्चीस कठिन सवालों को मात्र पंद्रह मिनट में हल करना छात्रों के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होगा।

    दूसरी तरफ सामान्य ज्ञान यानी जीके के पच्चीस सवालों को छात्र आराम से पांच से सात मिनट में ही पूरा कर लेते हैं। नए नियम के मुताबिक बाकी बचे हुए आठ-दस मिनट छात्रों को उसी स्क्रीन पर बेकार बैठे रहना होगा। वे चाहकर भी उस कीमती समय का उपयोग गणित के लंबे सवालों को हल करने में नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक गलत उत्तर के लिए आधा नंबर यानी शून्य दशमलव पांच शून्य अंक काटे जाने का नियम पहले की तरह ही लागू रहेगा, जिससे दबाव और बढ़ जाएगा।

    इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया मई 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्र जून 2026 के मध्य तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना फॉर्म भर सकते हैं। आयोग के कैलेंडर के अनुसार पहले चरण की यह परीक्षा सितंबर या अक्टूबर 2026 के दौरान आयोजित की जा सकती है। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज से स्नातक यानी ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है।

    इस बड़े बदलाव के बाद अब छात्रों को अपनी पढ़ाई का तरीका तुरंत बदलना होगा। पुराने तरीके के अभ्यास टेस्ट यानी मॉक टेस्ट अब किसी काम के नहीं रहेंगे। छात्रों को अब इंटरनेट पर नए सेक्शनल टाइमर वाले मॉक टेस्ट का अभ्यास तुरंत शुरू कर देना चाहिए। अब आपकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि आप परीक्षा के दौरान कंप्यूटर स्क्रीन पर टिक-टिक करते पंद्रह मिनट के मानसिक दबाव को कैसे संभालते हैं।

    कर्मचारी चयन आयोग द्वारा एसएससी सीजीएल 2026 परीक्षा में किया गया यह बदलाव वाकई ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण है। बारह हजार से ज्यादा पदों की बंपर वैकेंसी युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आई है, लेकिन नए नियम ने इस रेस को और कड़ा बना दिया है। सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं को अब इस बदलाव से डरने के बजाय इसे स्वीकार करना होगा।

    कठिन परिश्रम और सही समय प्रबंधन के बल पर इस परीक्षा को अब भी पास किया जा सकता है। जो छात्र समय के इस नए चक्र को समझकर अपनी रफ्तार बढ़ाएंगे, जीत उन्हीं की होगी। ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्रों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह नियम सबके लिए समान रूप से लागू हुआ है। पूरी लगन के साथ नए पैटर्न के अनुसार तैयारी में जुट जाना ही इस समय सबसे सही कदम है।