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  • जनता दर्शन में बुजुर्ग मां-बेटी की फरियाद सुन भावुक हुए सीएम योगी, बीटेक दाखिले का दिया आश्वासन

    जनता दर्शन में बुजुर्ग मां-बेटी की फरियाद सुन भावुक हुए सीएम योगी, बीटेक दाखिले का दिया आश्वासन

    गोरखपुर के जनता दर्शन में एक बुजुर्ग मां और बेटी की परेशानी सुनकर सीएम योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए। उन्होंने होनहार बेटी को बीटेक में दाखिले का पूरा आश्वासन दिया।

    सीएम योगी का भावुक पल:

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर कानून व्यवस्था को लेकर अपने कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में उनका एक बेहद संवेदनशील और भावुक रूप देखने को मिला। अपनी परेशानी लेकर पहुंची एक बुजुर्ग मां और उनकी बेटी की फरियाद सुनकर मुख्यमंत्री का दिल पसीज गया।

    यह गरीब परिवार पैसों की भारी कमी के कारण बेटी की उच्च शिक्षा को लेकर काफी चिंतित था। मुख्यमंत्री ने उनकी पूरी बात बड़े ही धैर्य से सुनी और बेटी को इंजीनियरिंग की पढ़ाई (बीटेक) के लिए दाखिले का पक्का आश्वासन दिया। इस मानवीय घटना की पूरे प्रदेश में अब काफी चर्चा हो रही है।

    जनता दर्शन में पहुंची परेशान मां और बेटी

    गोरखनाथ मंदिर परिसर में सुबह के समय जनता दर्शन कार्यक्रम सुचारू रूप से चल रहा था। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से सैकड़ों लोग अपनी निजी और सार्वजनिक समस्याएं लेकर मुख्यमंत्री के पास पहुंचे थे। इसी भारी भीड़ के बीच एक बुजुर्ग महिला अपनी जवान बेटी के साथ वहां आई।

    महिला के चेहरे पर लाचारी और गहरी चिंता साफ झलक रही थी। जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों की पर्चियां लेते हुए उनके पास पहुंचे, तो महिला ने रोते हुए अपनी गंभीर आर्थिक मजबूरी बयान की। उन्होंने भरे गले से बताया कि उनकी बेटी पढ़ने में बहुत होशियार है और आगे बीटेक करना चाहती है।

    आर्थिक तंगी से टूट रहा था सपना

    बुजुर्ग मां ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके परिवार के पास इतने पैसे बिल्कुल नहीं हैं कि वे किसी भी अच्छे कॉलेज में बेटी का दाखिला करा सकें। पैसों की इस भारी कमी के कारण इस होनहार बेटी का इंजीनियर बनने का बड़ा सपना टूटता हुआ नजर आ रहा था।

    यह लाचारी सुनते ही वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारी भी शांत हो गए। बेटी ने भी नम आंखों से मुख्यमंत्री को अपनी पढ़ाई की लगन और पिछली कक्षाओं में आए अच्छे नंबरों के बारे में पूरी जानकारी दी। उसने प्रार्थना की कि अगर सरकार थोड़ी मदद कर दे, तो वह अपने परिवार का पूरा भविष्य सुधार सकती है।

    फरियाद सुनकर भावुक हुए सीएम योगी

    मां और बेटी की इस बेबसी और लाचारी को देखकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंदर से काफी भावुक हो गए। उन्होंने तुरंत आगे बढ़कर बुजुर्ग महिला को ढांढस बंधाया और कहा कि उन्हें अब किसी भी बात की चिंता करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

    मुख्यमंत्री ने बड़े ही स्नेह और अपनेपन के साथ उस बेटी से बात की और उसका हौसला बढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक हमारी सरकार काम कर रही है, किसी भी होनहार बच्चे की पढ़ाई पैसों की कमी के कारण रुकने नहीं दी जाएगी। यह आश्वासन सुनकर मां और बेटी दोनों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

    बीटेक में दाखिले का मिला पक्का आश्वासन

    सीएम योगी ने मौके पर ही मौजूद अपने आला अधिकारियों को बेहद सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस मेधावी बेटी के बीटेक में दाखिले की पूरी प्रक्रिया बिना किसी देरी के जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाए। इसके लिए जो भी आर्थिक मदद कॉलेज को चाहिए, वह सीधे सरकार की तरफ से दी जाएगी।

    अधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आदेश मिलते ही तुरंत उस गरीब परिवार का पूरा विवरण और जरूरी शैक्षणिक दस्तावेज जमा कर लिए। मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कॉलेज में दाखिले के बाद भी इस बेटी को अपनी पूरी पढ़ाई के दौरान किसी तरह की आर्थिक या मानसिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

    प्रशासनिक अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

    इस भावुक घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद पूरे प्रशासनिक अमले को एक कड़ा और साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा हासिल करना हर बच्चे का बुनियादी अधिकार है और इसे प्राप्त करने में गरीबी को कभी भी बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।

    उन्होंने सभी जिलाधिकारियों और शिक्षा विभाग के अफसरों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों को हमेशा प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। अगर कोई गरीब और मेधावी छात्र उच्च शिक्षा के लिए सरकार से मदद मांगता है, तो सरकारी योजनाओं के तहत बिना किसी लालफीताशाही के उसे तुरंत लाभ पहुंचाया जाए।

    सरकार की शिक्षा समर्थक नीतियों का असर

    उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ सालों से लगातार गरीब और मेधावी छात्रों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं जमीन पर उतार रही है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना से लेकर कई अन्य छात्रवृत्ति कार्यक्रमों के जरिए छात्रों को मुफ्त कोचिंग और आर्थिक मदद की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    गोरखपुर के जनता दर्शन में घटी यह ताजा घटना इन्हीं नीतियों का एक जीता-जागता और व्यावहारिक उदाहरण बन गई है। आम जनता के बीच इस बात की काफी तारीफ हो रही है कि सूबे के मुखिया खुद जमीन पर उतरकर एक-एक फरियादी की बात को इतनी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुन रहे हैं।

    गरीब परिवारों में जगी एक नई उम्मीद

    इस पूरी घटना के सामने आने के बाद प्रदेश के उन तमाम गरीब परिवारों में एक नई और मजबूत उम्मीद जगी है, जो अपने बच्चों को किसी बड़े संस्थान में ऊंची शिक्षा दिलाना चाहते हैं। उस बुजुर्ग मां और बेटी के चेहरे पर आई सुकून की मुस्कान ने राज्य के कई गरीब लोगों को हिम्मत दी है।

    जनता दर्शन में खड़े अन्य स्थानीय लोग और मंदिर में मौजूद आम फरियादी भी मुख्यमंत्री के इस दयालु स्वभाव को देखकर काफी प्रभावित हुए। सोशल मीडिया पर भी इस आत्मीय बातचीत के किस्से तेजी से साझा किए जा रहे हैं, जहां आम नागरिक मुख्यमंत्री की इस तत्काल मदद और दरियादिली की जमकर सराहना कर रहे हैं।

  • यूपी में बंपर नौकरियां: लखनऊ, बांदा और अयोध्या में आज लगा बड़ा रोजगार मेला, पच्चीस हजार तक मिलेगी सैलरी

    यूपी में बंपर नौकरियां: लखनऊ, बांदा और अयोध्या में आज लगा बड़ा रोजगार मेला, पच्चीस हजार तक मिलेगी सैलरी

    उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ, बांदा और अयोध्या में सेवायोजन विभाग द्वारा बड़ा रोजगार मेला लगाया गया है। जानिए कैसे मिलेगी नौकरी।

    उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए आज का दिन बहुत बड़ी राहत लेकर आया है। राज्य सरकार के सेवायोजन विभाग ने लखनऊ, बांदा और अयोध्या में एक बहुत बड़े रोजगार मेले का आयोजन किया है। यह खबर उन लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए बेहद जरूरी है जो लंबे समय से अच्छी नौकरी पाने का सपना देख रहे हैं। इस मेले में देश की कई बड़ी निजी कंपनियां आई हैं। ये कंपनियां पढ़े-लिखे और हुनरमंद युवाओं को मौके पर ही नौकरी दे रही हैं। इस कदम से राज्य के युवाओं को अपने ही घर और शहर के आस-पास काम मिलने की उम्मीद जगी है।

    आज 22 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के तीन बड़े शहरों में रोजगार मेले की शुरुआत हुई है। राजधानी लखनऊ में यह मेला लालबाग इलाके में स्थित सेवायोजन कार्यालय के बड़े मैदान में लगा है। यहाँ सबसे ज्यादा कंपनियों ने अपने स्टॉल लगाए हैं। वहीं बुंदेलखंड के युवाओं के लिए बांदा के सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान यानी आईटीआई में मेले का आयोजन किया गया है। इसके अलावा अयोध्या और उसके आस-पास के जिलों के युवाओं के लिए अयोध्या मंडल के विभागीय रोजगार कार्यालय में यह मेला लगा है।

    इन मेलों में अस्सी से ज्यादा नामी निजी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इनमें टाटा मोटर्स से जुड़ी कंपनियां, पेटीएम, स्विगी, जोमैटो और निर्माण क्षेत्र की बड़ी कंपनी एलएंडटी शामिल हैं। ये कंपनियां युवाओं को मशीन चलाने वाले, ग्राहक सेवा अधिकारी, सेल्स मैनेजर, सामान पहुंचाने वाले और सुरक्षा गार्ड जैसे कई पदों पर नौकरी दे रही हैं। मेले में कंपनियों के अधिकारी सीधे युवाओं से बात कर रहे हैं। वे मौके पर ही उनका इंटरव्यू ले रहे हैं और जो युवा सही पाए जा रहे हैं, उन्हें तुरंत नौकरी का पक्का कागज यानी ऑफर लेटर दिया जा रहा है।

    प्रदेश में बेरोजगारी हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है। हर साल लाखों युवा अपनी पढ़ाई पूरी करके नौकरी की तलाश में निकलते हैं। लेकिन सही जानकारी और मौके की कमी के कारण उन्हें काम नहीं मिल पाता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए राज्य सरकार ने यह ठोस कदम उठाया है।

    सरकार चाहती है कि निजी कंपनियों और काम खोजने वाले युवाओं को एक ही जगह पर मिला दिया जाए। जब दोनों एक जगह आते हैं, तो कंपनियों को उनकी जरूरत के हिसाब से अच्छे काम करने वाले लोग आसानी से मिल जाते हैं। वहीं युवाओं को भी नौकरी के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। इस मेले का मुख्य मकसद युवाओं को उनके अपने राज्य में ही रोजगार देना है। इससे उन्हें काम के लिए दूसरे राज्यों की तरफ भटकना नहीं पड़ेगा और वे अपने परिवार के करीब रहकर तरक्की कर सकेंगे।

    उत्तर प्रदेश सरकार पिछले कुछ सालों से युवाओं को रोजगार देने के लिए लगातार ऐसे मेलों का आयोजन कर रही है। सेवायोजन विभाग ने इसके लिए एक खास वेबसाइट भी बनाई है। इस वेबसाइट पर प्रदेश का कोई भी बेरोजगार युवा अपना नाम दर्ज करा सकता है।

    पहले के समय में नौकरी पाने की प्रक्रिया बहुत लंबी होती थी। युवाओं को कई लिखित परीक्षाएं देनी पड़ती थीं और महीनों तक नतीजों का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन इस रोजगार मेले की प्रक्रिया बहुत ही आसान और तेज रखी गई है। इसमें आठवीं पास से लेकर स्नातक यानी ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई करने वाले सभी युवाओं के लिए नौकरी के मौके हैं। यहां तक कि तकनीकी पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए भी मशीनों से जुड़े काम उपलब्ध हैं। मेले में जाने वाले युवाओं को अपने साथ बायोडाटा, पढ़ाई के कागज, पहचान पत्र और फोटो ले जाना जरूरी है।

    इस रोजगार मेले का सबसे सीधा और बड़ा असर आम घरों के युवाओं पर पड़ रहा है। जो युवा कल तक नौकरी न मिलने से परेशान थे, आज उनके हाथों में नौकरी का कागज है। इससे उनके परिवारों में खुशी और सुकून का माहौल है। मेले में योग्यता के अनुसार दस हजार पांच सौ रुपये से लेकर पच्चीस हजार रुपये महीने तक की तनख्वाह दी जा रही है।

    इसके साथ ही कुछ तकनीकी कामों में भविष्य निधि यानी पीएफ और स्वास्थ्य बीमा जैसी जरूरी सुविधाएं भी मिल रही हैं। जब युवाओं को अच्छी तनख्वाह मिलेगी, तो उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सीधा सुधार होगा। वे अपने घर का खर्च आसानी से चला सकेंगे। इसके अलावा जब स्थानीय युवाओं को उनके ही शहर में काम मिलेगा, तो शहर के बाजारों में भी रौनक बढ़ेगी और स्थानीय व्यापार को भी बहुत फायदा पहुंचेगा। कुल मिलाकर यह मेला आम आदमी के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में काफी मददगार साबित हो रहा है।

    जो युवा आज इन मेलों में शामिल हो रहे हैं और चुने गए हैं, उनकी जल्द ही कंपनियों में ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी। ट्रेनिंग के बाद वे अपना काम पूरी तरह से संभाल लेंगे। लेकिन जो युवा किसी कारण से आज इस मेले में नहीं जा पाए हैं, उन्हें निराश होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।

    सेवायोजन विभाग की तरफ से आने वाले दिनों में ऐसे और भी मेले प्रदेश के अन्य जिलों में लगाए जाएंगे। नौकरी चाहने वाले युवा सेवायोजन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना पंजीकरण जरूर करा लें। वहां से उन्हें आने वाले मेलों की जगह और तारीख की पूरी जानकारी मिल जाएगी। सरकार की योजना है कि ज्यादा से ज्यादा निजी कंपनियों को इन मेलों से जोड़ा जाए ताकि हर हुनरमंद युवा को उसके मनमुताबिक सही काम मिल सके।

    कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश सरकार और सेवायोजन विभाग का यह रोजगार मेला युवाओं के लिए एक बहुत ही शानदार और लाभदायक पहल है। एक ही छत के नीचे दर्जनों कंपनियों का आना और मौके पर ही नौकरी देना युवाओं का समय और पैसा दोनों बचा रहा है।

    बेरोजगारी जैसी बड़ी समस्या से निपटने के लिए धरातल पर ऐसे प्रयास बहुत जरूरी हैं। अब युवाओं की भी यह जिम्मेदारी है कि वे अपनी पढ़ाई और हुनर को निखारते रहें। उन्हें समय-समय पर सरकारी वेबसाइट की जानकारी लेते रहना चाहिए। सही समय पर सही जगह पहुंचकर और अपनी योग्यता दिखाकर कोई भी युवा अपनी जिंदगी संवार सकता है। उम्मीद है कि भविष्य में ऐसे रोजगार मेलों से राज्य के लाखों परिवारों को एक नई उम्मीद और बहुत बेहतर जिंदगी मिलेगी।