उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का कहर: दिल्ली-NCR से बिहार तक जनजीवन प्रभावित, हाई अलर्ट जारी

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर से लेकर बिहार तक, कई राज्यों में इस मौसम का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया है। भीषण शीतलहर, गिरते तापमान और शून्य दृश्यता के कारण लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने कई इलाकों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं।

पूरे उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से भी नीचे गिर गया है। दिल्ली में पारा 6.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि हरियाणा के हिसार में तो यह सिर्फ 2.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ों पर बर्फबारी हुई, जिसका असर मैदानी इलाकों में गलन भरी ठंड के रूप में दिख रहा है।

सुबह के समय घना कोहरा इतना गहरा था कि कुछ जगहों पर दृश्यता लगभग खत्म हो गई थी। पंजाब और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में रविवार सुबह दृश्यता 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। सड़कों पर लाइटें जलाकर धीरे-धीरे गाड़ियां चलानी पड़ीं।

कड़ाके की ठंड का असर दिहाड़ी मजदूरों और सड़क किनारे काम करने वाले छोटे दुकानदारों पर भी पड़ा है। सुबह काम पर निकलने वाले लोगों की संख्या कम रही, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ा है। बाजार भी देर से खुले और जल्दी बंद हो गए, जिसका व्यापार पर नकारात्मक प्रभाव दिखा।

यातायात पर गहरा असर

घने कोहरे के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। दिल्ली-एनसीआर और आसपास के एक्सप्रेसवे पर सुबह के समय गाड़ियों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।

उड़ानें रद्द, ट्रेनें लेट

हवाई यातायात पर भी इसका गहरा असर पड़ा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कोहरे के कारण 128 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और 300 से ज़्यादा उड़ानें देरी से चल रही हैं। इससे हजारों यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। रेलवे ने भी 90 से अधिक ट्रेनों के लेट होने की जानकारी दी है, जिससे यात्री घंटों स्टेशन पर फंसे रहे।

एयरलाइंस की सलाह

प्रमुख एयरलाइंस जैसे एयर इंडिया और इंडिगो ने यात्रियों के लिए यात्रा सलाह जारी की है। उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी पहले ही ले लें और हवाई अड्डे पर समय से काफी पहले पहुंचें। इससे अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सकेगा। एयरपोर्ट पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है ताकि यात्रियों को हर संभव मदद मिल सके।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई अलर्ट जारी किए हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में ‘गंभीर कोल्ड डे’ की स्थिति के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। इसका मतलब है कि यहां दिन का तापमान भी सामान्य से काफी कम रहेगा और ठंड बहुत ज्यादा होगी, जिससे लोगों को दिनभर घर में रहने की सलाह दी जाती है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और झारखंड में शीतलहर और घने कोहरे के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ है। यह बताता है कि इन क्षेत्रों में भी ठंड और कोहरे की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं, दिल्ली में घने कोहरे के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जहां लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

ठंड से बचाव के उपाय और सरकारी कदम

ठंड से बचने के लिए लोगों को गर्म कपड़े पहनने, घर में रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास ख्याल रखने के लिए कहा गया है। डॉक्टरों ने हीटर या ब्लोअर का इस्तेमाल करते समय उचित वेंटिलेशन बनाए रखने की सलाह दी है, ताकि कार्बन मोनोऑक्साइड poisoning का खतरा न हो।

भीषण ठंड के कारण उत्तर प्रदेश में कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों को 1 जनवरी तक के लिए बंद कर दिया गया है। बच्चों को ठंड से बचाने के लिए यह फैसला लिया गया है। कई शहरों में नगर निगम ने रात में बेघर लोगों के लिए अस्थायी आश्रय और अलाव की व्यवस्था की है। किसानों को भी अपनी फसलों और पशुओं को ठंड से बचाने के लिए विशेष उपाय करने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में ठंड के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी एक बड़ी समस्या बन गया है, जहां हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी (400 से ऊपर) में बनी हुई है। कोहरे के साथ प्रदूषण के कण मिलकर स्मॉग का रूप ले लेते हैं, जिससे सांस संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने फेफड़ों के मरीजों और बच्चों को घर के अंदर रहने की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि नए साल तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा और शीतलहर बनी रहेगी। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 30 दिसंबर से 2 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी ला सकता है। इसके असर से पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़ और पश्चिमी राजस्थान में भी हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

हालांकि, इस बारिश के बाद हवाओं की दिशा बदलेगी और उत्तर भारत में और भी ठंडी हवाएं चलेंगी, जिससे कड़ाके की शीतलहर का एक और दौर शुरू होने की आशंका है। इसके साथ घना कोहरा भी छाएगा। लोगों को अगले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद कम ही है। ऐसे में सभी को अपनी सुरक्षा का ध्यान रखना चाहिए और जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।

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