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  • मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: देश के 16 राज्यों में भारी बारिश और तूफान, यूपी-महाराष्ट्र में भीषण लू का प्रकोप

    मौसम विभाग का बड़ा अलर्ट: देश के 16 राज्यों में भारी बारिश और तूफान, यूपी-महाराष्ट्र में भीषण लू का प्रकोप

    मौसम विभाग का यह नया अलर्ट देश के करोड़ों लोगों के लिए बहुत जरूरी है। एक तरफ उत्तर और मध्य भारत के लोग झुलसाने वाली गर्मी से परेशान हैं, तो दूसरी तरफ कई राज्यों में अचानक मौसम बदलने वाला है। इस दोहरे मौसम का असर आम जनता की सेहत, खेती और रोजमर्रा के कामों पर सीधा पड़ने वाला है।

    भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने देश के 16 से ज्यादा राज्यों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में मौसम के दो अलग-अलग रूप एक साथ देखने को मिलेंगे। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में जहां सूरज आग उगल रहा है, वहीं कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान है।

    महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में अकोला, अमरावती और वर्धा जैसे जिलों में तापमान बहुत ज्यादा बढ़ गया है। इन इलाकों में मौसम विभाग ने भीषण गर्मी का रेड और ऑरेंज अलर्ट यानी बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। दूसरी तरफ पश्चिमी महाराष्ट्र के पुणे, कोल्हापुर और रत्नागिरी में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना है।

    उत्तर प्रदेश में गर्मी ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बांदा जैसे इलाकों में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। विभाग ने 27 मई तक पूरे राज्य में भीषण लू का अलर्ट जारी किया है। यहां रातें भी बहुत गर्म रहने वाली हैं, जिससे लोगों को चौबीसों घंटे राहत नहीं मिलेगी।

    बिहार में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। राज्य में रात के समय भारी उमस परेशान कर रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 24 से 27 मई के बीच बिहार के कई जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और भारी बारिश होगी।

    इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड अलर्ट है। दक्षिण भारत के केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में भी तेज आंधी के साथ भारी बारिश हो रही है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा और झारखंड में भी गरज-चमक के साथ पानी गिरने की पूरी संभावना है।

    मौसम में आ रहे इस बड़े बदलाव के पीछे मुख्य कारण प्री-मानसून यानी मानसून से पहले होने वाली गतिविधियां हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हवा के कम दबाव का क्षेत्र बनने की वजह से समुद्र से नमी वाली हवाएं मैदानी इलाकों की तरफ आ रही हैं।

    दूसरी तरफ, उत्तर भारत में जमीन बहुत ज्यादा गर्म हो चुकी है। जब यह अत्यधिक गर्मी समुद्र से आने वाली ठंडी और नमी वाली हवाओं से टकराती है, तो अचानक आंधी और बारिश की स्थिति बनती है। इसी कारण से देश के अलग-अलग हिस्सों में एक ही समय पर लू और बारिश का नजारा दिख रहा है।

    भारत में मई का महीना हमेशा से ही बहुत गर्म रहा है। लेकिन पिछले कुछ सालों में मौसम का मिजाज बहुत तेजी से बदला है। इस साल भी मई की शुरुआत से ही तापमान लगातार बढ़ता चला गया। उत्तर भारत के मैदानी इलाके हर साल इस समय भीषण लू की चपेट में आते हैं।

    आमतौर पर मानसून जून के पहले हफ्ते में केरल पहुंचता है। लेकिन इस साल स्थितियां थोड़ी अलग हैं। इस बार मानसून अपनी सामान्य रफ्तार से थोड़ा पहले आगे बढ़ रहा है। यही वजह है कि मई के आखिरी हफ्ते में ही देश के एक बड़े हिस्से में प्री-मानसून की तेज गतिविधियां शुरू हो गई हैं।

    इस बदलते मौसम का सबसे बड़ा असर आम लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भीषण गर्मी के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। तेज धूप और लू के कारण लोगों को डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी और उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें हो रही हैं।

    शहरी और ग्रामीण इलाकों में बिजली की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। लगातार कूलर और पंखे चलने से कई जगहों पर बिजली के ट्रांसफार्मर फुंक रहे हैं। इस वजह से लोगों को अघोषित बिजली कटौती का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे परेशानी और बढ़ गई है।

    जिन राज्यों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट है, वहां के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के कारण कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।

    मौसम विभाग के अनुसार आने वाले चार से पांच दिनों तक गर्मी का यह प्रकोप जारी रहेगा। उत्तर प्रदेश और विदर्भ के लोगों को अभी कुछ दिन और सावधान रहना होगा। दोपहर के समय बेवजह घर से बाहर न निकलने की सलाह प्रशासन की तरफ से दी गई है।

    राहत की बात यह है कि मानसून 26 मई के आसपास केरल के तट से टकरा सकता है। केरल में मानसून के दस्तक देने के बाद देश के बाकी हिस्सों में भी धीरे-धीरे तापमान कम होने लगेगा। जून के पहले और दूसरे हफ्ते तक उत्तर भारत के राज्यों में भी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

    मौसम का यह दोहरा रूप हमें प्रकृति के बदलते चक्र की याद दिलाता है। एक तरफ जहां लू से बचाव के लिए जरूरी उपाय करने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी तरफ आंधी-पानी से होने वाले नुकसान से बचना भी जरूरी है। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए हैं।

    आम जनता को भी मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना चाहिए। जब तक बहुत जरूरी न हो, दोपहर की तेज धूप में बाहर जाने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और अपने आस-पास के लोगों का भी ध्यान रखें। सतर्कता ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।