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  • शाओमी का बड़ा झटका: लोकप्रिय स्मार्टफोन रेडमी नोट 15 एसई और ए7 प्रो 5जी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

    शाओमी का बड़ा झटका: लोकप्रिय स्मार्टफोन रेडमी नोट 15 एसई और ए7 प्रो 5जी की कीमतों में भारी बढ़ोतरी

    शाओमी ने भारत में अपने दो सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन रेडमी नोट 15 एसई और ए7 प्रो 5जी की कीमतों में अचानक 3,000 रुपये तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है।

    स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे ग्राहकों के लिए भारतीय बाजार से एक बेहद हैरान करने वाली खबर आई है। प्रसिद्ध मोबाइल निर्माता कंपनी शाओमी ने अपने दो सबसे ज्यादा बिकने वाले स्मार्टफोन की कीमतों में अचानक भारी बढ़ोतरी कर दी है। यह खबर उन आम खरीदारों के लिए बहुत जरूरी है जो मध्यम बजट में एक अच्छा नया फोन तलाश रहे थे। आमतौर पर बाजार में समय बीतने के साथ मोबाइल फोन सस्ते होते हैं, लेकिन कंपनी का यह उल्टा फैसला सीधे तौर पर ग्राहकों की जेब पर असर डालेगा।

    शाओमी ने बजट और मिड-रेंज यानी मध्यम श्रेणी के ग्राहकों के बीच बेहद लोकप्रिय हो चुके दो स्मार्टफोन की कीमतें तत्काल प्रभाव से बढ़ा दी हैं। जिन दो फोन्स के दाम बढ़ाए गए हैं, उनमें रेडमी नोट 15 एसई और ए7 प्रो 5जी शामिल हैं। इन दोनों मॉडल्स पर वेरिएंट के हिसाब से 2,000 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक का इजाफा किया गया है।

    बढ़ी हुई ये नई कीमतें कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ सभी प्रमुख ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म और ऑफलाइन रिटेल स्टोर्स पर लागू हो चुकी हैं। बजट सेगमेंट में आने वाले रेडमी नोट 15 एसई की पुरानी शुरुआती कीमत 13,999 रुपये थी, जो अब 2,000 रुपये बढ़कर 15,999 रुपये हो गई है। वहीं बेहतरीन 5जी फीचर्स वाले ए7 प्रो 5जी मॉडल की शुरुआती कीमत पहले 19,999 रुपये थी, जो अब 3,000 रुपये की बड़ी बढ़ोतरी के साथ 22,999 रुपये तक पहुंच गई है।

    हालांकि शाओमी कंपनी ने इस अचानक की गई मूल्य वृद्धि पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन बाजार के जानकारों और सप्लाई चेन यानी कल-पुर्जों की आपूर्ति करने वाले सूत्रों ने इसके पीछे तीन बड़े कारण बताए हैं। पहला कारण ग्लोबल कंपोनेंट क्राइसिस यानी मोबाइल के पार्ट्स की वैश्विक कमी है। पिछले कुछ महीनों में स्मार्टफोन में इस्तेमाल होने वाले डिस्प्ले पैनल, रैम और विशेष रूप से 5जी चिपसेट की अंतरराष्ट्रीय लागत बहुत ज्यादा बढ़ गई है।

    दूसरा बड़ा कारण डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये के मूल्य में आने वाला उतार-चढ़ाव है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर मजबूत होने की वजह से विदेशों से इलेक्ट्रॉनिक्स के पुर्जे आयात करना काफी महंगा हो गया है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर समुद्री व्यापारिक मार्गों में चल रहे तनाव के कारण माल ढुलाई का खर्च भी बढ़ गया है। इन सभी वजहों से भारत में फोन को असेंबल करने यानी पूरी तरह तैयार करने की कुल उत्पादन लागत बढ़ गई है। कंपनी ने इस बढ़े हुए खर्च का बोझ खुद उठाने के बजाय इसे सीधे ग्राहकों पर डाल दिया है।

    भारतीय स्मार्टफोन बाजार में शाओमी हमेशा से ही कम कीमत में बेहतरीन फीचर्स देने के लिए जानी जाती रही है। खासकर देश के छोटे शहरों, कस्बों और गांवों में रेडमी सीरीज के फोन्स को लोग बहुत ज्यादा भरोसा करते हैं और इनकी बिक्री भी सबसे ज्यादा होती है। मध्यम वर्ग के लोग त्योहारों या खास मौकों पर ऐसे फोन्स को अपनी पहली पसंद बनाते हैं।

    पिछले कुछ सालों का इतिहास देखें तो मोबाइल कंपनियां नए फोन लॉन्च होने के कुछ महीनों बाद उनके दाम घटा देती हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग उन्हें खरीद सकें। लेकिन पिछले कुछ समय से वैश्विक स्तर पर कच्चे माल और परिवहन की कीमतों में जो अस्थिरता आई है, उसने कंपनियों के मुनाफे पर असर डाला है। शाओमी द्वारा अचानक कीमतें बढ़ाने का यह कदम दिखाता है कि अब कंपनियों के लिए पुराने दामों पर बने रहना कितना मुश्किल होता जा रहा है।

    इस अचानक हुई मूल्य वृद्धि का सबसे सीधा और बड़ा असर उन आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो 12,000 से 15,000 रुपये के बजट में एक नया ऑल-राउंडर 5जी फोन खरीदने की योजना बना रहे थे। देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में जहां लोग पैसे की कीमत को बहुत बारीकी से देखते हैं, वहां 2,000 से 3,000 रुपये का यह अंतर उनके बजट को पूरी तरह से बिगाड़ देगा।

    इस बढ़ोतरी के बाद अब उपभोक्ताओं को उसी फोन के लिए अपनी जेब से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे जो कल तक काफी कम कीमत में मिल रहा था। कई युवा जो ए7 प्रो 5जी के प्रीमियम लुक और फास्ट चार्जिंग के दीवाने थे, उन्हें अब अपनी खरीदारी को कुछ समय के लिए टालना पड़ सकता है या फिर कम फीचर्स वाले दूसरे मॉडल्स से समझौता करना पड़ सकता है।

    शाओमी के इस कदम का सीधा फायदा बाजार में मौजूद उसकी प्रतिद्वंदी कंपनियों जैसे रियलमी, मोटो और सैमसंग को मिल सकता है। ये सभी ब्रांड्स इसी बजट श्रेणी में बिना कोई कीमत बढ़ाए अपने बेहतरीन स्मार्टफोन बेच रहे हैं। ऐसे में बजट के प्रति संवेदनशील ग्राहक अब शाओमी का मोह छोड़कर इन दूसरे ब्रांड्स के विकल्पों की तरफ तेजी से रुख कर सकते हैं।

    आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या दूसरी कंपनियां भी शाओमी की राह पर चलकर अपने फोन महंगे करती हैं या फिर इसी पुराने दाम पर ग्राहकों को अपनी तरफ खींचती हैं। बाजार के जानकारों का कहना है कि जो लोग अभी भी इन दोनों फोन्स को खरीदना चाहते हैं, उन्हें ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाले विशेष बैंक ऑफर्स, क्रेडिट कार्ड डिस्काउंट या एक्सचेंज बोनस का इंतजार करना चाहिए ताकि बढ़ी हुई कीमतों के असर को कुछ कम किया जा सके।

    कुल मिलाकर शाओमी द्वारा अपने सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन्स रेडमी नोट 15 एसई और ए7 प्रो 5जी के दाम बढ़ाना भारतीय मोबाइल बाजार के लिए एक बड़ा और चौंकाने वाला बदलाव है। उत्पादन लागत में हुई बढ़ोतरी का खामियाजा अंततः आम ग्राहकों को ही भुगतना पड़ रहा है।

    बाजार में कड़े मुकाबले के इस दौर में कीमतों को बढ़ाना शाओमी के लिए एक जोखिम भरा फैसला साबित हो सकता है। अब यह पूरी तरह से उपभोक्ताओं पर निर्भर करता है कि वे इस बढ़ी हुई कीमत के साथ शाओमी के साथ बने रहते हैं या फिर बाजार में मौजूद अन्य किफायती और दमदार विकल्पों को अपनाते हैं। फिलहाल के लिए, नए मोबाइल खरीदारों को अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी होगी।